Saturday, 11 April 2015

शब्द !!

तीन वर्ण की चतुराई है 
और एक खेल है यह 
धरती की गर्भ की गहराई 
और एक आकांशा 
इन सबका मतलब 
इन लब्जो की गंभीरता 
से है और रहेगा !!
कुबेर है ये
एक सृस्टि की पहचान
और अनगिनत परछाइयाँ
का है एक साया !!
चुन चुन के नभ बनाता है
किसी कवि और
एक रचयिता
से पूछना
उसकी कृति की पहचान
शब्द है ये
किताबे खुली मिलेंगी !!

-दिग्विजय थापा


No comments :

Post a Comment